शुक्रवार, 14 अगस्त को घरेलू शेयर बाजार सुस्त कारोबार में लाल निशान पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और मिले-जुले एशियाई बाजारों के बीच निवेशकों ने सतर्कता बरती, जिससे दिनभर बाजार दायरे में घूमता रहा। कैसा रहा सेंसेक्स-निफ्टी का हाल बीएसई सेंसेक्स करीब 126-149 अंकों की गिरावट के साथ 77,930-77,950 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र के मुकाबले करीब 0.16-0.19 प्रतिशत नीचे है। एनएसई निफ्टी50 भी 18-41 अंक फिसलकर 24,377-24,381 के आसपास बंद हुआ। सुबह बाजार की शुरुआत ही कमजोर रही थी—सेंसेक्स करीब 300 अंक टूटकर 77,779 पर खुला था, हालांकि दिन चढ़ने के साथ कुछ रिकवरी देखने को मिली। कारोबार के आखिरी घंटे में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में खरीदारी से इंडेक्स ने अपने दिन के निचले स्तर से थोड़ी बढ़त वापस पाई। किन शेयरों ने बिगाड़ा माहौल, किसने दिया सहारा सेंसेक्स के तीस शेयरों में से यूट्रासीमेंट, टाटा स्टील, पावरग्रिड, इंडिगो, ट्रेंट और एशियन पेंट्स सबसे ज्यादा टूटे, इनमें करीब सवा फीसदी तक की गिरावट देखी गई। निफ्टी में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, मैक्स हेल्थकेयर और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज टॉप लूजर रहे। दूसरी तरफ बजाज फाइनेंस, इटरनल, टीसीएस, टाइटन और एलएंडटी में खरीदारी दिखी, ये शेयर आधा फीसदी तक चढ़े। बैंक निफ्टी पर भी दबाव रहा और यह करीब 250 अंक गिरकर 57,635 के स्तर के आसपास बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी हावी रही—मिडकैप इंडेक्स करीब 0.45 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.55 प्रतिशत टूटा, यानी छोटे-मझोले शेयरों में बड़े शेयरों के मुकाबले ज्यादा बिकवाली दिखी। एफआईआई-डीआईआई का रुख गुरुवार के कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने कैश सेगमेंट में करीब 511 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने इसके उलट करीब 4,353 करोड़ रुपये का निवेश किया। यानी विदेशी निवेशकों की बिकवाली को घरेलू निवेशकों ने काफी हद तक संभाला, जिससे बाजार में बड़ी गिरावट टलती दिखी। तकनीकी नजरिया: निफ्टी के लिए अहम स्तर एनालिस्टों के मुताबिक निफ्टी फिलहाल 24,300 के अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर टिका हुआ है, लेकिन बढ़त बनाए रखने में जूझता दिख रहा है। 24,200-24,300 का जोन नजदीकी सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,500 का स्तर तत्काल रजिस्टेंस का काम करेगा। बाजार का रुझान फिलहाल उतार-चढ़ाव भरा और हल्का कमजोर बना हुआ है। आगे क्या उम्मीद करें वैश्विक व्यापार को लेकर बनी अनिश्चितता और टैरिफ से जुड़ी खबरों के बीच निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी जा रही है। हालांकि व्यापक बाजार का रुझान अब भी सकारात्मक बना हुआ है, इसलिए गिरावट में खरीदारी की रणनीति पर नजर रखी जा सकती है। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। आपको लगता है कि निफ्टी 24,300 का सपोर्ट टिका रहेगा या आगे और गिरावट देखने को मिलेगी? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।